क्यों उसकी याद में रोती है ,
क्यों अपने आंसुओ को खोती है !
तेरी आँखों में जो भरा है पानी ,
उसे जाया न कर,
जा किसी को इनका नशा चढ़ा दे ,
छुड़ा दे किसी की शराब और उसका घर बसा दे !!!!!!
क्यों अपने आंसुओ को खोती है !
तेरी आँखों में जो भरा है पानी ,
उसे जाया न कर,
जा किसी को इनका नशा चढ़ा दे ,
छुड़ा दे किसी की शराब और उसका घर बसा दे !!!!!!
No comments:
Post a Comment